Jazim Sharma

Yaadon Ki Gullak.

Lyrics

Yaadon Ki Gullak Lyrics Penned by
Durgesh Singh

गा मा पा धा नि धा नि धा नि धा मा धा पानि पा मा पा गा गा मा पा निपा नि सा रे गा सा नि सा रे नि धा पा धा मा गारे गा सा रे मा गा सा रे गा सा निपा नि सा रे गा सा रे मा पा धा मा गासा रे गा रे सा नि सा
जब ज़िंदगी यादों की गुल्लक थीगुल्लक थी, गुल्लक थीये ज़िंदगी यादों की गुल्लक थीगुल्लक थी, गुल्लक थी
कभी अक्कड़ थी, कभी बक्कड़ थीकभी टेढ़ी थी, कभी मेढ़ी थीथोड़ी अकड़ी थी, थोड़ी जकड़ी थीपर लपक के हमने पकड़ी थी
थोड़ी गीली थी, थोड़ी dry थीकभी low सी थी, कभी high थीघुल जाए तो इलायचीघिस जाती तो अदरक थी
बाबू-लल्ला, हल्ला-गुल्लाचैं-चैं, पौं-पौं हो गईल ईह मुहल्लाबाबू-लल्ला, हल्ला-गुल्लाचैं-चैं, पौं-पौं हो गईल ईह मुहल्ला
हाँ, ऊनी गेंदों सी, फटी जेबों सीछँटे कोहरे सी, बासी तहरी सीऊनी गेंदों सी, फटी जेबों सीछँटे कोहरे सी, बासी तहरी सी
बातों की दातुन से चलतीUnlimited WiFi थीफ़ुरसत का petrol पड़ा केSlowly, slowly भगाई थी
हम सब के हिस्से आई थीहम सब ने गले लगाई थीएक चम्मच थी, पर too much थी
जब ज़िंदगी यादों की गुल्लक थीगुल्लक थी, गुल्लक थीजब ज़िंदगी यादों की गुल्लक थीगुल्लक थी, गुल्लक थी